बस अड्डे से लेकर इमलिया बाग तक गड्ढों से भरी सड़कें लोगों की आवाजाही मुश्किल बना रही हैं। नगर पालिका की बेरुखी और अध्यक्ष मोहम्मद रईस अंसारी की उदासीनता के चलते विकास कार्य दरअसल ठप पड़े हैं। खराब सड़कें रोजाना दुर्घटनाओं का कारण बनी हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही। बस अड्डे पर बने शौचालय पर ताला लगा है, जिसे दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय प्रशासन की इस उपेक्षा पर जनता में भारी गुस्सा है। पुलिस चौकी से लेकर इमलिया बाग तक फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा भी लोगों के लिए बड़ी समस्या है, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। फुटपाथ पर अवैध कब्जे के कारण सड़कों पर भीड़ बढ़ती जा रही है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में बरौनी रोड जलमग्न हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी जाम और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन मरम्मत कार्य नहीं किया गया। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद भी नगर पालिका की चुप्पी इसे साफ दिखाती है कि विकास कार्यों में कितनी लापरवाही हो रही है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री उर्फ गुड्डे ने इस मामले में बड़ी चौंकाने वाली बातें कही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका और प्रशासन के बीच मिलीभगत के कारण विकास कार्यों पर पानी फिर गया है। जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर भ्रष्टाचार चरम पर है। गुड्डे ने कहा कि जबतक नगर पालिका जिम्मेदारी से अपना कर्तव्य नहीं निभाएगी, तबतक संडीला का यह खरनाक हाल बदस्तूर जारी रहेगा। जनता को विकास का सपना दिखाने वाले आज खुद ही विकास के अवरोध बने हुए हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि नगर पालिका तुरंत सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। खराब सड़कों की मरम्मत की जाए, शौचालय जनता के लिए खोलें, फुटपाथ का कब्जा हटाकर पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिले। साथ ही, जलभराव की समस्या को दुरुस्त कर बरसात के दौरान जलभराव से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। सरकार के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द गड्ढा मुक्त सड़कें बनाई जानी चाहिए।